
ऐसा क्या दुख था, जिसके चलते एक सीधे-साधे किसान ने अपने पूरे परिवार का खात्मा करके खुद भी जान दे दी। जिन बच्चों को उसने गोद में खिलाकर बड़ा किया, उनका गला दबाने में भी उसके हाथ नहीं कांपे। सबकी जुबां पर एक ही सवाल है कि आखिर ऐसा क्या दुख था तो जो एक झटके में हंसते खेलते परिवार को खत्म कर दिया। अपना ही वंश मिटा दिया। यह राज सभी को परेशान किए है।पुलिस को मनीष के मोबाइल से वीडियो में मनीष ने बड़े शांत भाव से कहा है कि हम अपनी मर्जी से मरे हैं। हम बहुत परेशान थे अपने दुखों से। इसमें उन्होंने कहा है कि ‘मैं मनीष कुमार, अपनी मर्जी से मरे हैं हम, इसमें किसी का दोष नहीं है। इसलिए कोई किसी को परेशान न करें। हमने जो प्लॉट बेची है सतीश विरामपुर वाले को, उसके 12.60 लाख रुपये आए हैं, बाद में बाकी के पैसे ले लें, उनका भी कोई दोष नहीं है। हम अपने दुखों से परेशान हैं, और इसमें किसी की भी कोई गलती नहीं है। सब बढ़िया रहना, सभी साथियों से निवेदन है, सब बढ़िया रहना।इस वीडियो में मनीष ने दो बार अपने दुखों से परेशान होने की बात कही है, लेकिन ऐसा क्या दुख था, जिसके बारे में मनीष ने नहीं बताया। घरवालों का कहना है कि कोई आर्थिक तंगी नहीं थी। तीन माह पहले मनीष को टाइफाइड जरूर हुआ था, लेकिन वह अब स्वस्थ था। गांव में भी हर जुबां पर यह सवाल है कि आखिर जिस दुख की बात मनीष ने कही है, वह क्या था? वह भी तब जबकि सीमा के बैंक खाते में लगभग सात लाख रुपये और मनीष के पास तीन बीघा खेती व इतनी ही ससुराल में जमीन है। चूंकि सीमा अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी तो उनकी संपत्ति भी मनीष और सीमा को ही मिलने वाली थी। ऐसे में आर्थिक तंगी का सवाल ही नहीं उठता। बार-बार पुलिस भी इसी पर जांच कर रही है कि आखिर ऐसा क्या रहा कि अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों की हत्या करते समय मनीष के हाथ क्यों नहीं कांपे। क्या वजह रही कि जिन बच्चों को लाड़ प्यार से पाला था, उनका रस्सी से बेरहमी से गला दबा दिया, पत्नी के सिर में लोहे की रॉड मारकर हत्या की। तीनों बच्चों का जिक्र तक नहीं किया। पुलिस का मानना है कि वीडियो पहले बनाया गया है, इसके बाद घटना की गई।तंत्र-मंत्र व हत्या के बिंदु के साथ सारे सुसाइट नोटों के तार जोड़कर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। हालांकि प्रथम दृष्टया अवसाद के कारण मनीष ने ऐसा कदम उठाया है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट व परिजन के बयान के आधार पर मामले की जांच होगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे सी आधार पर कार्रवाई होगी।खप्परपुर में एक ही परिवार के पांच शव मिले हैं।
इसमें मासूम भी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मनीष ने अपनी पत्नी के सिर पर प्रहार कर उनकी हत्या की, फिर तीनों मासूमों की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद मनीष ने बिजली के करंट से आत्महत्या कर ली। मनीष की डायरी, दीवार और वीडियो संदेश में सुसाइड नोट मिला है

















