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पीडीए भवन, कटघरा जौनपुर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक जौनपुर सदर मोहम्मद अरशद खान

NIT-News

लखनऊ/जौनपुर। पीडीए भवन, कटघरा जौनपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक जौनपुर सदर मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव के समय पिछड़े वर्ग को धार्मिक भावनाओं के नाम पर भ्रमित कर वोट तो ले लेती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद पिछड़े, दलित, किसान, मजदूर और वंचित समाज के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने का काम करती है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई समाजवादी आंदोलन की पहचान रही है। स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देकर सामाजिक बराबरी की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया था।

लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद उत्तराखंड में पिछड़े वर्ग का आरक्षण घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया, जो सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है।
मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि झारखंड में भी पिछड़े वर्ग को मिले 27 प्रतिशत आरक्षण को घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया।

इसी प्रकार पश्चिम बंगाल में पिछड़े वर्ग को मिलने वाले आरक्षण 17% को भी कम कर के 7% कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां लगातार पिछड़े वर्ग, दलितों और वंचित समाज की हिस्सेदारी को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर भाजपा शासित राज्यों में पिछड़े वर्ग को संविधान की भावना के अनुरूप पूर्ण अधिकार और प्रतिनिधित्व क्यों नहीं दिया जा रहा। भाजपा सामाजिक न्याय की बात तो करती है, लेकिन व्यवहार में आरक्षण, रोजगार, शिक्षा और राजनीतिक हिस्सेदारी के मुद्दों पर पीछे हट जाती है।

मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरे देश में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) आंदोलन के माध्यम से सामाजिक न्याय की नई लड़ाई लड़ रहे हैं। समाजवादी पार्टी की मांग है कि पूरे देश में जातीय जनगणना कराई जाए ताकि आबादी के अनुपात में पीडीए समाज को सम्मानजनक हिस्सेदारी और 27 प्रतिशत से अधिक आरक्षण मिल सके।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने कई राज्यों में सामाजिक न्याय और विकास के मुद्दों से जनता का ध्यान हटाकर धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया है। लेकिन देश की जनता अब समझ चुकी है कि संविधान, आरक्षण और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा केवल सामाजिक न्याय की ताकतें ही कर सकती हैं।

उन्होंने पीडीए समाज से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि संविधान ने सभी नागरिकों को बराबरी, सम्मान और प्रतिनिधित्व का अधिकार दिया है। समाजवादी विचारधारा हमेशा गरीब, किसान, मजदूर, नौजवान, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज की आवाज बनकर संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।

अंत में मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि आने वाले समय में देश की जनता भाजपा की विभाजनकारी राजनीति का जवाब सामाजिक न्याय, संविधान बचाओ और भाईचारे की ताकत से देगी।

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