
लखनऊ वार्ता ब्यूरों
मंगलवार रात शहर के सलेमपुर कोन नौरंगाबाद स्थित नामे महाराज कोठी के पास डीजे की तेज धुन पर नागिन डांस सड़क के बीचों-बीच होने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम में एक एम्बुलेंस भी फंस गई। सुबह संकटा देवी से लेकर मेला मैदान तक रोड करीब डेढ़ घंटे जाम रहा।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार की रात डीजे की आवाज पर युवकों का समूह सड़क पर ही नाच-गाना कर रहा था। इस दौरान किसी ने यातायात की व्यवस्था संभालने की कोशिश नहीं की।
चार दिन पूर्व ही कोतवाली सदर में एसडीएम सदर और सीओ सदर की मौजूदगी में डीजे संचालकों एवं गेस्ट हाउस मालिकों के साथ बैठक आयोजित की थी। बैठक में साफ निर्देश दिए गए थे कि किसी भी हाल में सार्वजनिक मार्ग पर कार्यक्रम नहीं होंगे और यातायात बाधित नहीं किया जाएगा। साथ ही ध्वनि प्रदूषण और समय सीमा का कड़ाई से पालन करने को कहा गया था। इसके बावजूद सड़क पर खुलेआम नियमों की अनदेखी से प्रशासनिक सख्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभालती तो एम्बुलेंस को जाम में नहीं फंसना पड़ता। अब देखना होगा कि प्रशासन इस प्रकरण में क्या कार्रवाई करता है। उधर बुधवार को शहर की यातायात व्यवस्था उस समय चरमरा गई। जब संकटा देवी चौराहे से मेला मैदान रोड तक अचानक भीषण जाम लग गया। हैरानी की बात यह रही कि न तो किसी शादी-ब्याह का कार्यक्रम था। न बैंड-बाजा, न बारात और न ही किसी मैरिज लॉन में बड़ा आयोजन था।
इसके बाद भी सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब डेढ़ घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे और यातायात रेंगता रहा। यह कोई पहला मामला नहीं है। यातायात पुलिस कर्मियों की लापरवाही के रारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं है, जिस पर जाम न लगता हो। यातायात पुलिस सिर्फ वाहनों के चालान और अवैध धन उगाही में ही लगी रहती है।

















