लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। केजीएमयू के नोटिस से मजारों की देखभाल करने वाले खादिम और मुतवल्ली सकते में हैं। वहीं संस्थान मजारे हटाने पर अडिग है। शनिवार को केजीएमयू में दिन भर गहमागहमी रही। किसी भी प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए पुलिस मुस्तैद नजर आई। केजीएमयू परिसर में अवैध कब्जेः केजीएमयू परिसर में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे हैं। ट्रॉमा सेंटर, क्वीनमेरी, रेस्पीरेटरी मेडिसिन, आर्थोपेडिक्स व नेत्र रोग विभाग के पीछे मजार हैं। इन मजारों को हटाने के लिए केजीएमयू प्रशासन पिछले करीब दो साल से प्रयासरत है। धर्मान्तरण प्रकरण के बाद केजीएमयू प्रशासन ने मजारों को हटाने की कवायद और तेज कर दी है।मजारों की साफ-सफाई बढ़ाई गईः केजीएमयू प्रशासन के रुख से मजारों की देखभाल करने वाले खादिम और मुतवल्ली में हलचल है। मजारों पर दिन भर जायरीन का आवागमन रहा। मजारों की साफ सफाई बढ़ा दी गई। जियारत (दर्शन) करते देखे गए। दुआ करने वालों की संख्या में भी वृद्धि नोटिस रिसीव नहीं करने के बाद दीवारों पर बसपा कादिर गा पिछले दिनों दुकानें हटाने के वक्त टकराव की नौबत आ गई थी केजीएमयू प्रशासन द्वारा नोटिस जारी करने के बाद परिसर में गहमागहमी बढ़ गई है। शनिवार को कई मजारों की साफ-सफाई भी कराई गई।
अवैध कब्जा बर्दाश्त नहींः कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि अवैध कब्जों को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मजारों को 15 दिन में हटाने की चेतावनी दी गई है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि डेंटल भवन के आगे केजीएमयूकी भूमि पर आधा दर्जन से अधिक दुकाने हैं। इनदुकानों को खाली करने के लिए कई वार संचालकों को नोटिस दी जा चुकी



















