• Home
  • Spirituality
  • अयोध्या में चैत्र नवरात्रि पर श्रीराम यंत्र की स्थापना, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया दर्शन-पूजन
Image

अयोध्या में चैत्र नवरात्रि पर श्रीराम यंत्र की स्थापना, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया दर्शन-पूजन

Rita Prajapati
अयोध्या/लखनऊ, चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस और सनातन नव संवत्सर (विक्रम संवत्-2083) के पावन अवसर पर द्रौपदी मुर्मु ने श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की तथा श्रीरामलला का दर्शन-पूजन किया। इस अवसर पर आनंदीबेन पटेल और योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।राष्ट्रपति ने देश-विदेश में रहने वाले भारतवासियों और राम भक्तों को नववर्ष और आगामी रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए अयोध्या की महिमा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि की पवित्र धूलि का स्पर्श मिलना अत्यंत सौभाग्य की बात है और ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’ की भावना भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा को दर्शाती है। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए अयोध्या को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अद्वितीय बताया।राष्ट्रपति ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर से जुड़ी विभिन्न ऐतिहासिक तिथियां—भूमि पूजन, प्राण प्रतिष्ठा और मंदिर का आम जन के लिए खुलना—भारत की सांस्कृतिक विरासत की स्वर्णिम उपलब्धियां हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को प्राप्त करेगा। उन्होंने राम राज्य की अवधारणा को सामाजिक समावेश, आर्थिक समृद्धि और नैतिक मूल्यों का आदर्श बताया।उन्होंने समाज में समावेशिता के उदाहरण के रूप में शबरी, निषादराज, जटायु और वानर समुदाय के साथ प्रभु श्रीराम के संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जीवन दर्शन सभी को साथ लेकर चलने की प्रेरणा देता है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक न्याय और नैतिक जीवन मूल्यों को अपनाने पर भी बल दिया।राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि हिन्दू नववर्ष के प्रथम दिवस पर श्रीराम यंत्र की स्थापना एक पवित्र संयोग है। उन्होंने अयोध्या को आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का जीवंत प्रतीक बताते हुए कहा कि यहां की चेतना आज वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान बन रही है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रों के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की आस्था और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंदिर निर्माण से जुड़े सभी चरणों ने देशवासियों को गौरव की अनुभूति कराई है और 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद यह ऐतिहासिक क्षण संभव हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जहां कई देशों में अशांति है, वहीं अयोध्या में इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजन भारत की सांस्कृतिक शक्ति और स्थिरता को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में प्रदेश में 156 करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक धार्मिक स्थलों पर पहुंचे, जो भारत की बढ़ती आध्यात्मिक चेतना का प्रमाण है।इस अवसर पर संत समाज, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी और अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्रीराम यंत्र की स्थापना को सनातन परंपरा और आधुनिक भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताया गया।

Releated Posts

भजन संध्या में गूंजे भक्ति और श्रद्धा के स्वर

LV-News लखनऊ। आज एम.जी.मार्ग स्थित विश्वेश्वरैया आडोटोरियम में पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी के पति…

अश्वमेघ धर्म ध्वज यात्रा” का हुआ भव्य शंखनाद

लखनऊ, होटल आरिफ कैसल में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। यह कॉन्फ्रेंस अश्वमेध धर्म ध्वजा यात्रा के संबंध…

धार्मिक स्थलों के लिये निःशुल्क सोलर का प्रस्ताव रखा एचआईक्यू ने

LV-News/लखनऊ। एच. आई क्यु. ग्रुप आफ कम्पनीज़ की समाजिक बिंग खिदमत फाउन्डेशन ने सभी धर्मो से सम्बन्धित धार्मिक…

हनुमान मंदिर के शिखर पर लहराया भगवा ध्वज

लखनऊ वार्ता – न्यूज अयोध्या। चैत्र पूर्णिमा व हनुमान जयंती के पावन अवसर पर रामनगरी में भक्ति और…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top