
नैयर आज़म प्रदेश प्रभारी
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्री पवन भाई गुप्ता जी ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुई अनपेक्षित अतिवृष्टि और भीषण ओलावृष्टि से किसानों को हुए भारी नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। श्री गुप्ता ने इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री जी को एक औपचारिक पत्र लिखकर आपदा प्रभावित अन्नदाताओं को तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान करने की पुरजोर माँग की है। 25 जिलों में तबाही और जनहानि का मुद्दा उठाया मुख्यमंत्री जी को भेजे गए पत्र में पवन भाई गुप्ता जी ने अवगत कराया कि पिछले 24 घंटों में प्रदेश के लगभग 25 जिलों में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने कृषि व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। पत्र में इस हृदयविदारक घटना का भी उल्लेख किया गया है कि आकाशीय बिजली और आपदा के कारण विभिन्न जनपदों में लगभग 11 मासूम जानों की क्षति हुई है। फसलों की बर्बादी पर गहरी चिंता पवन भाई गुप्ता जी ने पत्र के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा: ”प्रदेश के अन्नदाता पर आई यह प्राकृतिक आपदा अत्यंत गंभीर है। गेहूँ, सरसों, आलू और तंबाकू की तैयार फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। ओलावृष्टि से आम की बौर झड़ गई है, जिससे बागवानी किसानों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।” RPI अध्यक्ष के प्रमुख सुझाव और मांगें: श्री पवन भाई गुप्ता जी ने किसानों के हित में सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं: 72 घंटों में सर्वे: राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें बनाकर प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण (गिरदावरी) कराया जाए। विशेष मुआवजा: 33% से अधिक फसल नुकसान वाले किसानों को तत्काल विशेष आर्थिक राहत दी जाए। मृतकों को सहायता: आपदा में जान गंवाने वाले व्यक्तियों के परिजनों को तत्काल अनुग्रह राशि (Ex-gratia) प्रदान की जाए। ऋण स्थगन: प्रभावित जिलों में केसीसी (KCC) ऋण की वसूली पर रोक लगाई जाए और ब्याज माफी पर विचार हो। बीमा क्लेम: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दावों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। अंत में, पवन भाई गुप्ता जी ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री जी के संवेदनशील नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का किसान खुद को अकेला नहीं पाएगा और सरकार इस संकट की घड़ी में उन्हें उचित न्याय और आर्थिक संबल प्रदान करेगी।
















