• Home
  • State News
  • मृतक आश्रित को तीन माह में नौकरी देने के आदेश के लिए मुख्य सचिव का आभार व्यक्त किया 
Image

मृतक आश्रित को तीन माह में नौकरी देने के आदेश के लिए मुख्य सचिव का आभार व्यक्त किया 

सुरेन्द्र  प्रजापति

मीरजापुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने तीन माह में मृतक आश्रितों को नौकरी देने के मुख्य सचिव के आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने अवगत कराया है कि विभिन्न विभागों में मृतक आश्रितों को नौकरी देने में हीलाहवाली की जा रही है। कई विभागों में वर्षों से प्रकरण लंबित पड़े हैं। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में दर्जनों ऐसे प्रकरण है जिसमें मृतक आश्रित स्वास्थ्य महानिदेशालय से लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी तक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन मृतक आश्रित के रूप में नौकरी नहीं मिल रही है। विशेष कर जनपद स्तर पर  विभाग अध्यक्ष को संस्तुति भेजने के लिए पैसे की डिमांड की जा रही है, जिसके चलते मृतक आश्रित परिवार कठिनाई में है। जे एन तिवारी ने आशा व्यक्त किया है की मुख्य सचिव के वर्तमान आदेश पर कार्यवाही होगी, हालांकि कर्मचारियों के संबंध में जारी किए जा रहे सभी आदेश केवल रस्म अदायगी तक ही सीमित रह रहे हैं। इसके पहले मुख्य सचिव स्तर से कई आदेश कर्मचारियों की समस्याओं पर वार्ता कर उनके निस्तारण के लिए जारी हुए हैं, परंतु विभागीय अधिकारी कर्मचारी संगठनों से बात ही नहीं करते हैं। यहां तक की स्वयं मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव कार्मिक के स्तर पर भी कर्मचारी संगठनों से कोई भेंट वार्ता या बैठक नहीं होती है। ऐसे में मुख्य सचिव के इस आदेश को विभागीय अधिकारी कितनी गंभीरता से लेते हैं , यह तो समय ही बताएगा। फिलहाल मृतक आश्रित के रूप में नौकरी की प्रत्याशा में दर दर की ठोकर खा रहे नवयुवकों को इस आदेश से कुछ दिलासा जरूर मिलेगी। जे एन तिवारी ने यह भी कहा है कि मुख्यमंत्री ने होली से पूर्व सभी कर्मचारी एवं पेंशनर्स को पेंशन तथा वेतन देने के आदेश निर्गत कराया हैं, जिसकी घोषणा भी किया है एवं आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं, परंतु 1 मार्च तक अधिकतर विभागों में ना तो वेतन आया है और नहीं पेंशन आई है। पेंशनर्स के लिए विशेष रूप से समय से पेंशन न मिलना आर्थिक संकट को बढ़ाना है। बढ़ती उम्र के साथ पेंशनर्स को बीमारियों का सामना करना पड़ता है और मौजूदा समाज की संरचना में पेंशनर्स एकाकी जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में पेंशन ही उनके बुढ़ापे का सहारा है। समय से पेंशन न मिलने से पेंशनर्स की बीमारी का इलाज भी प्रभावित होता है। जे एन तिवारी ने मुख्यमंत्री के घोषणा का समादर न करने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए अवगत कराया है कि विभागों  में मनमानी करने की यह पराकाष्ठा  है कि मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के आदेश केवल रस्म अदायगी होकर रह गए हैं। संयुक्त परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण जी दुबे एवं महामंत्री अरुणा शुक्ला ने भी होली से पहले वेतन न मिलने तथा पेंशन न मिलने पर नाराजगी व्यक्त किया है।

Releated Posts

लखनऊ सपा कार्यालय में ‘PDA दिवस’ के रूप में मनाई गई मान्यवर कांशीराम की जयंती;

Nyer Azam आज को जिला कार्यालय समाजवादी पार्टी लखनऊ में मान्यवर श्री कांशीराम जी का जन्मदिवस दिन PDA…

BBD यूनिवर्सिटी में ‘प्रदेश महिला अधिवक्ता सम्मेलन’: संविधान के 75 वर्षों में नारी सशक्तिकरण पर हुआ मंथन

Nayer Azam आज बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय के डॉ. अखिलेश दास ऑडिटोरियम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर…

3 अवैध कॉमर्शियल बिल्डिंग्स सील; बिना नक्शा पास कराए खड़ी हो रही थीं इमारतें,

गोविन्द प्रजापति लखनऊ में अवैध निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को लखनऊ विकास…

डिप्टी CM ब्रजेश पाठक का ‘सीक्रेट मिशन’: मरीज बनकर 1 घंटे तक लाइन में लगे रहे, लखनऊ की CHC में जब खुली पोल

अरविन्द कुमार पटेल डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सोमवार को औचक निरीक्षण करने लखनऊ की चिनहट सीएचसी पहुंचे। मास्क…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top