• Home
  • State News
  • KGMU में गैस सिलेंडर खत्म होने से मेस बंद; 2500 मरीजों का नाश्ता और रोटी बंद।
Image

KGMU में गैस सिलेंडर खत्म होने से मेस बंद; 2500 मरीजों का नाश्ता और रोटी बंद।

गोविन्द प्रजापति

एलपीजी की बढ़ती किल्लत के बीच लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में मरीजों और मेडिकोज के खाने पर संकट खड़ा हो गया है। 2500 मरीजों के नाश्ते और रोटियों में कटौती शुरू हो गई है। मेडिकोज (MBBS स्टूडेंट्स) के हॉस्टल की मेस बंद होती जा रही हैं।हालात ये हैं कि मरीजों के लिए 5 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर से किसी तरह काम चलाया जा रहा है। हॉस्टल्स के प्रोवोस्ट ने हाथ खड़े कर दिए हैं। सरदार पटेल हॉस्टल के प्रोवोस्ट ने चीफ प्रॉक्टर को इसके लिए लेटर भी लिख दिया है। उन्होंने कहा है- ‘महोदय, अब आप ही दिशा-निर्देश दीजिए कि क्या किया जाए।’KGMU में पेशेंट किचन में हम पहुंचे। यहां के हेड कुक, कुक और कर्मचारियों से बात की। हेड कुक राम सजीवन ने बताया कि 4 दिन से सिलेंडर की डिलीवरी नहीं आ रही है। गैस एजेंसी के माध्यम से गैस की सप्लाई होती थी। अब दिक्कत बढ़ रही है।KGMU में पेशेंट किचन में हम पहुंचे। यहां के हेड कुक, कुक और कर्मचारियों से बात की। हेड कुक राम सजीवन ने बताया कि 4 दिन से सिलेंडर की डिलीवरी नहीं आ रही है। गैस एजेंसी के माध्यम से गैस की सप्लाई होती थी। अब दिक्कत बढ़ रही है।KGMU में भर्ती मरीजों के लिए डाइट निर्धारित है। पेशेंट कुक मुजीब ने बताया- सुबह की शुरुआत चाय से होती है। फिर नाश्ता होता है। इसके बाद दोपहर का लंच और फिर शाम की चाय और फिर रात में डिनर दिया जाता है। किचन में रोजाना औसतन 2500 मरीजों का खाना तैयार होता है। इस समय एलपीजी की किल्लत का असर यह है कि मरीजों को नाश्ता के अलावा रोटियां तक डाइट के मुताबिक नहीं दे पा रहे हैं।KGMU किचन में काम करने वाले वर्कर्स के मुताबिक, यहां पर रोजाना करीब 7 सिलेंडर की खपत होती थी। इनमें से 5 सिलेंडर खाना बनाने में जबकि दो सिलेंडर रोटी सेंकने में काम आते थे। मौजूदा समय कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने के कारण मिनी साइज 5 किलो के कॉमर्शियल सिलेंडर से खाना पकाया जा रहा है। इनको बार-बार बदलने में समय भी ज्यादा लग रहा है और खाने की पूरी आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है।सरदार पटेल हॉस्टल के प्रवेक्षक ने चीफ प्रॉक्टर को लेटर भेजा है कि गैस न मिलने के कारण उनकी सभी मेस में खाना नहीं बन पा रहा है, जिससे छात्रावास में छात्रों को काफी असुविधा हो रही है। इस स्थिति में चीफ प्रॉक्टर अपने स्तर पर उचित दिशा-निर्देश देने का कष्ट करें।KGMU के करीब 20 हॉस्टलों में रहने वाले लगभग 10 हजार मेडिकोज के सामने भी भोजन का संकट खड़ा हो गया। कई हॉस्टलों की मेस बंद हो रही है, जिससे उन्हें बाहर होटल में महंगा खाना खाने जाना पड़ रहा है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने अस्थायी तौर पर छात्रों के लिए खिचड़ी बनाने का सुझाव दिया है। गुरुवार से खुले स्थान पर तंदूर लगाकर भोजन बनाने की योजना भी तैयार की जा रही है।

Releated Posts

7 सितंबर 2022: कन्याकुमारी के साहिल से शुरू हुआ सफर, “नफ़रत छोड़ो—भारत जोड़ो” के संकल्प के साथ चलते रहे राहुल गांधी

नैयर आजम नई दिल्ली, 7 सितंबर। भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत के चार वर्ष पूरे होने के मौके पर…

घोसी में जिला सहकारी बैंक का ऋण वितरण कैंप: सात किसानों को मिले केसीसी के चेक

दिनेश प्रजापति मऊ। जिला सहकारी बैंक घोसी ने किसानों के लिए एक ऋण वितरण कैंप बुधवार को आयोजित…

दो सप्ताह में में दूसरी बार खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर पहुंची सरयू

दिनेश प्रजापति दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर…

तहसीलदार अमरनाथ यादव को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की

मऊ। घोसी के बड़रांव की ग्राम सभा रजपुरा में राशन वितरण को लेकर विवाद सामने आया है। कोटेदार…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top