
लखनऊ वार्ता न्यूज
लखनऊ: महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में 21-22 फरवरी 2026 को आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “डिजिटल हेल्थ, एआई एवं स्मार्ट फार्मा फॉर विकसित उत्तर प्रदेश” (फार्माफ्यूचरएक्स-2026) के अंतर्गत आयोजित पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता में लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्रा दीपांशी श्रीवास्तव ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के फार्मास्युटिकल साइंसेज संस्थान की तृतीय वर्ष की छात्रा दीपांशी ने “प्राकृतिक फ्लेवोनॉइड्स बहु-लक्ष्य हृदय संरक्षक एजेंट के रूप मेंरू कैलपेन एवं लिपोप्रोटीन अंतःक्रियाओं पर एआई-संवर्धित आणविक डॉकिंग अध्ययन” विषय पर अपना शोध पोस्टर प्रस्तुत किया। इस शोध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित आणविक डॉकिंग तकनीक के माध्यम से प्राकृतिक फ्लेवोनॉइड्स के हृदय संरक्षण संबंधी गुणों का अध्ययन किया गया, जिसमें हृदय रोगों की रोकथाम हेतु बहु-लक्ष्य उपचार की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।
इस शोध कार्य में फार्मास्युटिकल साइंसेज संस्थान के फार्माकोग्नोसी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अभिषेक कुमार ने छात्रा का मार्गदर्शन किया। उनके निर्देशन में यह शोध सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं ने सहभागिता करते हुए डिजिटल स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्मार्ट फार्मा से जुड़े नवीन शोध प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं भारत के पूर्व औषधि महानियंत्रक डॉ. जी. एन. सिंह उपस्थित रहे। विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजन संपन्न हुआ।
दीपांशी श्रीवास्तव की इस उपलब्धि पर लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। संकाय सदस्यों ने भी छात्रा की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और इसे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता एवं शोध उत्कृष्टता का प्रमाण बताया।


















