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हड़ताल के समर्थन में एआईसीसीटीयू का गाँव-गाँव अभियान शुरू

बक्शी का तालाब, लखनऊ। आज ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (एआईसीसीटीयू) ने मनरेगा, उसे बदलने वाले विकसित भारत-गारंटी फ़ॉर रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी रैम-जी अधिनियम, 2024, तथा चार नए श्रम कोड के खिलाफ 12 फ़रवरी की राष्ट्रीय हड़ताल के समर्थन में जमीनी स्तर का अभियान शुरू किया।

अभियान की शुरुआत मुंशी खेड़ा से हुई और हिरणखुरी होते हुए बौरुमऊ, लोधमऊ, वीरमपुर, दुग्गौर और दुबहैला अभियान के दौरान ग्रामीण मज़दूरों और योजना कार्यकर्ताओं के साथ विस्तार से संवाद किया गया।

लोगों को बताया गया कि वीबी-जी रैम-जी अधिनियम, 2024 मनरेगा के अधिकार-आधारित रोज़गार गारंटी ढांचे को बदलता है, केंद्र-राज्य साझेदारी और वित्तीय संरचना में बदलाव करता है, और ग्रामीण परिवारों के लिए सुनिश्चित रोज़गार को कमजोर करता है। साथ ही चार नए श्रम कोड न्यूनतम वेतन, काम की सुरक्षा, यूनियन अधिकार और निरीक्षण व्यवस्था को मज़दूर-विरोधी दिशा में बदलते हैं। इन्हीं हमलों के खिलाफ 12 फ़रवरी की राष्ट्रीय हड़ताल का आह्वान किया गया।

इस अभियान का नेतृत्व कामरेड रामसेवक, खेत एवं ग्रामीण मज़दूर सभा, बक्शी का तालाब के संयोजक, कामरेड कमला गौतम, योजना कार्यकर्ताओं की नेता, तथा कामरेड रमेश सिंह सेंगर, जिला प्रभारी, भाकपा(माले), लखनऊ ने किया। अभियान टीम में कामरेड राजीव गुप्ता, संयुक्त सचिव, इंक़िलाबी नौजवान सभा, उत्तर प्रदेश, और आइसा से शांतम निधि भी शामिल रहे।

गाँवों में हुए लंबे और प्रभावी संवाद के दौरान लोगों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की, सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए। ग्रामीण मज़दूरों ने साफ़ कहा कि रोज़गार की गारंटी और श्रम अधिकारों में कटौती को वे स्वीकार नहीं करेंगे।

कामरेड कमला गौतम ने कहा योजना कार्यकर्ता और ग्रामीण महिलाएँ पहले से ही असुरक्षित हालात में काम कर रही हैं। मनरेगा को कमजोर करना और नए श्रम कोड लागू करना हमारी आजीविका और सम्मान पर सीधा हमला है। हम 12 फ़रवरी की हड़ताल को पूरी ताक़त से सफल बनाएँगे।

कामरेड रामसेवक ने कहा,
“वीबी-जी रैम-जी अधिनियम और चारों श्रम कोड मज़दूर-विरोधी हैं। ये रोज़गार की सुनिश्चितता और मेहनतकशों के अधिकार छीनने का काम करते हैं। गाँव-गाँव जाकर हम लोगों को जागरूक करेंगे और 12 फ़रवरी को बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।”

एआईसीसीटीयू ने ग्रामीण मज़दूरों, योजना कार्यकर्ताओं और सभी मेहनतकश तबकों से अपील की है कि वे 12 फ़रवरी की राष्ट्रीय हड़ताल में शामिल होकर रोज़गार, अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट हों।

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