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शिक्षामित्रों को 10 की जगह 18 हजार रुपये हर महीने मिलेंगे, अनुदेशकों को 17 हजार: सीएम योगी की बड़ी घोषणा

दिनेश प्रजापति

यूपी में 1,43,781 शिक्षा मित्रों और 24,781 अनुदेशकों को योगी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है. शिक्षा मित्रों को अब 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए हर महीने मिलेंगे. अभी तक शिक्षा मित्रों को 10 और अनुदेशकों को 9 हजार रुपए ही मिल रहे थे.

बजट सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को सीएम योगी ने सदन इसका ऐलान किया. साथ ही सभी शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी दी जाएगी. एक अप्रैल 2026 से यह आदेश लागू होगा.

सीएम ने कहा कि हम इस बार रानी लक्ष्मीबाई योजना से बेटियों को स्कूटी देने जा रहे हैं. इसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली लड़कियों के लिए 400 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है.

शिक्षा मित्र और अनुदेशक लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे. इस मांग को सीएम योगी ने स्वीकार कर लिया है. वहीं शिक्षा मित्र नियमितीकरण की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. शिक्षा मित्रों का कहना है कि सरकार ने मानदेय बढ़ा कर बहुत बड़ी राहत दी है. सरकार ने जिस तरह से इस महंगाई में हमें राहत दी है, उसी तरह हमें नियमित भी कर दे. मानदेय की घोषणा कर सरकार ने होली गिफ्ट दिया है.

‘संजीवनी’ साबित होगी घोषणा : शिक्षा मित्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की यह घोषणा उनके लिए संजीवनी का काम करेगी. लगातार महंगाई बढ़ रही है, लेकिन मानदेय में वृद्धि नहीं हो रही थी. 10,000 रुपये में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया था. अब 18,000 रुपये मानदेय मिलने से आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.

कैशलेस इलाज की सुविधा को भी शिक्षा मित्रों ने बड़ा कदम बताया है. उनका कहना है कि कई शिक्षा मित्र इलाज के अभाव में परेशान रहते हैं, कुछ मामलों में गंभीर बीमारियों के चलते असमय मृत्यु तक हो गई. ऐसे में पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उनके और उनके परिवार के लिए राहत भरी खबर है.

नियमितीकरण की मांग बरकरार : शिक्षा मित्र मोहम्मद वसीम ने यह भी स्पष्ट किया कि मानदेय वृद्धि के बावजूद उनकी नियमितीकरण की मांग जारी रहेगी. उनका कहना है कि संविदा पर कार्य करने के कारण भविष्य को लेकर असुरक्षा बनी रहती है. सरकार ने मानदेय में वृद्धि कर राहत दी है, लेकिन स्थायी नियुक्ति की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.

सीएम की घोषणा उपहार से कम नहीं : शिक्षा मित्र मोहम्मद वसीम ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा किसी उपहार से कम नहीं है. 10,000 रुपये में जीवनयापन करना बेहद कठिन था. बच्चों की पढ़ाई, परिवार का इलाज और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा था. 8,000 रुपये की बढ़ोतरी से बड़ी राहत मिलेगी और परिवार को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी.

पढ़िए सीएम योगी ने शिक्षा को लेकर क्या कहा…

विधानसभा में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए व्यापक सुधारों और नई घोषणाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सशक्तीकरण, शिक्षक कल्याण और छात्र सुविधाओं को अभूतपूर्व प्राथमिकता दी गई है

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