• Home
  • State News
  • वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच एनसीएल का राष्ट्र की ऊर्जा संरक्षा में अहम योगदान
Image

वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच एनसीएल का राष्ट्र की ऊर्जा संरक्षा में अहम योगदान

सुरेंद्र प्रजापति सोनभद्र। वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर उत्पन्न युद्धजनित परिस्थितियों के कारण ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। ऐसे कठिन ऊर्जा परिदृश्य में विश्व की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कोल इंडिया की सिंगरौली स्थित प्रमुख अनुषंगी कंपनी, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने कोयला मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
एनसीएल ने रविवार को दूरस्थ ताप विद्युत इकाइयों को रिकॉर्ड 57 रेलवे रैक कोयला प्रेषित कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस दौरान एनसीएल द्वारा 4.14 लाख टन कोयला का प्रेषण किया गया, जिसमें रिकॉर्ड 2.2 लाख टन भारतीय रेल के माध्यम से भेजा गया तथा बाकी मात्रा एमजीआर सिस्टम, सड़क मार्ग एवं पाइप बेल्ट द्वारा प्रेषित की गई। जहां दूरस्थ ताप विद्युत इकाइयों के लिए रेलवे के माध्यम से रिकॉर्ड स्तर पर रैक्स भेजे गए, वहीं पिट हेड पावर प्लांट्स को एमजीआर के जरिए पर्याप्त मात्रा में कोयला आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
वर्तमान परिदृश्य में घरेलू उत्पादित कोयला एक भरोसेमंद ऊर्जा स्त्रोत की भूमिका निभा रहा है। एनसीएल का पिट हेड स्टॉक 8.3 मिलियन टन है, वहीं माइंस के अंदर कोयला एक्सपोजर 10.5 मिलियन टन है। सारांश में ताप विद्युत इकाइयों एवं अन्य उद्योगों की मांग को पूर्ण करने हेतु कंपनी पूरी तरह से तैयार है। “कोयला है तो भरोसा है” के ध्येय वाक्य के साथ एनसीएल तथा समूचा कोल इंडिया परिवार इस चुनौतीपूर्ण समय में राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित है। राज्यवार कोयला आपूर्ति की बात करें तो रविवार को एनसीएल ने मध्य प्रदेश को 13 रैक्स, उत्तर प्रदेश को 25 रैक्स, राजस्थान को 11 रैक्स, पंजाब को 4 रैक्स, हरियाणा को 2 रैक्स, गुजरात को 1 रैक तथा बिहार को 1 रैक कोयला भेजा। इस प्रकार एनसीएल ने 57 रैक्स का ऐतिहासिक प्रेषण दर्ज किया गया।
कंपनी राज्य विद्युत उत्पादन निगमों (ैजंजम ळम्छब्व्े) के साथ-साथ स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों (प्च्च्े) को भी निरंतर कोयला उपलब्ध करा रही है। इसके अतिरिक्त पिट हेड पावर प्लांट्स को भी एनसीएल प्रचुर मात्रा में कोयला प्रेषित कर रही है स इसी क्रम में रविवार को एनसीएल ने 55 रैक कोयले की आपूर्ति पिट हेड पावर प्लांट्स को सुनिश्चित की है। इस कठिन परिस्थिति में एनसीएल का यह प्रयास देश की ऊर्जा संरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए राष्ट्र की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु कटिबद्ध है

Releated Posts

7 सितंबर 2022: कन्याकुमारी के साहिल से शुरू हुआ सफर, “नफ़रत छोड़ो—भारत जोड़ो” के संकल्प के साथ चलते रहे राहुल गांधी

नैयर आजम नई दिल्ली, 7 सितंबर। भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत के चार वर्ष पूरे होने के मौके पर…

घोसी में जिला सहकारी बैंक का ऋण वितरण कैंप: सात किसानों को मिले केसीसी के चेक

दिनेश प्रजापति मऊ। जिला सहकारी बैंक घोसी ने किसानों के लिए एक ऋण वितरण कैंप बुधवार को आयोजित…

दो सप्ताह में में दूसरी बार खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर पहुंची सरयू

दिनेश प्रजापति दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर…

तहसीलदार अमरनाथ यादव को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की

मऊ। घोसी के बड़रांव की ग्राम सभा रजपुरा में राशन वितरण को लेकर विवाद सामने आया है। कोटेदार…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top