
Nayer Azam लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने आज ‘विश्व गौरैया दिवस’ के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रकृति के संतुलन में गौरैया की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए इसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
अपने संदेश में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गौरैया केवल एक पक्षी नहीं, बल्कि हमारे बचपन की यादों और ग्रामीण व शहरी परिवेश का एक अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक जीवनशैली और कंक्रीट के बढ़ते जंगलों के कारण यह नन्हा पक्षी आज संकट में है।
उपमुख्यमंत्री के संदेश के मुख्य बिंदु:
पारिस्थितिक संतुलन: गौरैया पर्यावरण चक्र को बनाए रखने में सहायक है। इसका विलुप्त होना हमारे ईकोसिस्टम के लिए एक चेतावनी है। जन-भागीदारी का आह्वान: श्री मौर्य ने जनता से अपील की कि वे अपने घरों की छतों, बालकनी और आंगन में गौरैया के लिए दाना-पानी रखें और उनके लिए कृत्रिम घोंसलों (Nest boxes) की व्यवस्था करें।
युवा पीढ़ी से अपील: उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को प्रकृति और पक्षियों के प्रति संवेदनशील बनाएं ताकि आने वाली पीढ़ी जीव-जंतुओं के महत्व को समझ सके।
















