Nayer Azam
इस अवसर पर पूर्व विधानसभा स्पीकर/ नेता प्रतिपक्ष विधानसभा श्री माता प्रसाद पांडे जी, नेता प्रतिपक्ष उ.प्र. विधान परिषद श्री बिहारी लाल यादव जी, सांसद आजमगढ़ धर्मेंद्र यादव जी,लालगंज आजमगढ़ सांसद श्री दरोगा प्रसाद सरोज जी, आजमगढ़ सदर से विधायक श्री दुर्गा प्रसाद यादव जी, पूर्व मंत्री/ एमएलसी श्री बलराम यादव जी, गोपालपुर विधायक नफीस अहमद साहब, अतरौलिया विधायक श्री संग्राम यादव, विधायक एच.एन. पटेल जी, एमएलसी शाह आलम उर्फ़ गुड्डू जमाली साहब, मुबारकपुर विधायक श्री अखिलेश यादव जी, पूर्व मंत्री/ एमएलसी यशवंत सिंह जी, विधायक/ पूर्व मंत्री श्री शाहिद मंज़ूर साहब, विधायक/पूर्व मंत्री श्री कमाल अख्तर साहब, विधायक एवं पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा जी,विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री ज़िया उद्दीन रिज़वी साहब,विधायक /पूर्व मंत्री आशु मलिक साहब, विधायक फहीम इरफ़ान साहब, विधायक डॉक्टर आर.के. वर्मा जी,विधायक राम सिंह पटेल जी, विधायक श्री पंकज मलिक साहब, विधायक प्रभु नारायण सिंह जी, विधायक मोहम्मद हसन रूमी साहब, विधायक इंजीनियर बृजेश कठेरिया जी, विधायक/ पूर्व मंत्री श्री मनोज पारस, पूर्व मंत्री ख़ान मोहम्मद आतिफ साहब,विधायक समरपाल सिंह जी,विधायक ज़ाहिद बेग साहब,विधायक नवाब जान ख़ान, पूर्व मंत्री सर्वेश अम्बेडकर साहब, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक डॉक्टर योगेश वर्मा जी, विधायक सय्यदा खातून साहिबा, विधायक ऊषा वर्मा जी,एमएलसी जसमीर अंसारी साहब, विधायक राकेश यादव जी समाजवादी पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष/ एमएलसी राजपाल कश्यप जी, समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष/ पूर्व मंत्री शकील नदवी साहब, सपा अधिवक्ता सभा के प्रदेश अध्यक्ष सिकंदर यादव जी, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अनीश राजा साहब,समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा, डॉक्टर नासिर ख़ान, मुस्तजाब आलम बाबू भाई, शीराज़ आलम आज़मी टीटू भाई,ज़ैद अहमद फ़ारूकी, कुलदीप यादव जी, बबलू भाई, गुड्डू भाई,सपा नेता जावेद अख्तर, वरिष्ठ सपा नेता शकील ख़ान साहब, मज़हर साहब, आशुतोष पाण्डेय जी, निसार साहब, अनिल मौर्या जी, वकार साहब,गुल हसन एडवोकेट, सद्दाम अहमद माजिद, सद्दाम अली, मौलाना आक़िल, पत्रकार उस्मान साहब, एडवोकेट राकिब, हुजैफा साहब, सईद साहब सहित आये हुए सभी साथियों और चाहने वालों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए मरहूम को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश की।

उनकी सादगी, ईमानदारी, जनसेवा और उसूलों पर चलने वाली राजनीति को याद करते हुए सभी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
“लोग बिछड़ जाते हैं, यादें नहीं बिछड़तीं,
अच्छे इंसानों की बातें कभी नहीं बिसरतीं।”
मरहूम विधायक आलम बदी आज़मी साहब को ख़िराज-ए-अक़ीदत।
अल्लाह तआला उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए। आमीन।
















