
Raj Sexsena /गोरखपुर। जनपद में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों में मिट्टी ढोने वाले डंपरों से लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। बीते कुछ दिनों में डंपरों की चपेट में आकर कई लोगों की जान जाने की घटनाओं ने शासन-प्रशासन को गंभीर चिंता में डाल दिया है। इसी क्रम में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ और जिलाधिकारी दीपक मीणा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदाई संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य डंपरों के संचालन में हो रही अनियमितताओं, ओवरस्पीडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को रोकना तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने बैठक में बेहद कड़े शब्दों में कहा कि विकास कार्यों के नाम पर किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यदाई संस्थाओं को अपने अधीन संचालित सभी वाहनों पर सख्त निगरानी रखनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी नियमों का पालन किया जाए।
मंडलायुक्त ने कहा कि यह लगातार देखने में आ रहा है कि मिट्टी ढोने वाले डंपर तेज रफ्तार में सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ रही है। कई मामलों में यह भी पाया गया है कि वाहन चलाने वाले चालक प्रशिक्षित नहीं होते या उनके पास वैध हैवी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता। इस तरह की लापरवाही सीधे-सीधे हादसों को न्योता देती है।
डीआईजी रेंज एस. चनप्पा ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि डंपरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर ओवरस्पीडिंग, गलत रूट पर संचालन और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बैठक में कहा कि पिछले पांच दिनों में डंपरों की चपेट में आकर लोगों का मौत होना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यदाई संस्थाएं अपने वाहनों की नियमित जांच कराएं और यह सुनिश्चित करें कि वाहन तकनीकी रूप से फिट हों।
वहीं जिलाधिकारी दीपक मीणा ने ड्राइवरों की योग्यता और जिम्मेदारी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल 18 वर्ष से अधिक आयु के और वैध हैवी लाइसेंस धारक ही डंपर चलाएं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कई मामलों में यह देखा गया है कि डंपर चालक बगल में बैठा रहता है और खलासी वाहन चला रहा होता है, जो न केवल अवैध है बल्कि अत्यंत खतरनाक भी है। ऐसी प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सभी डंपर निर्धारित रूट पर ही संचालित होंगे। यदि कोई वाहन निर्धारित मार्ग से हटकर अन्य रास्तों पर चलता पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है।
बैठक में यह महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आया कि अधिकांश डंपर चालकों को “चक्कर” (ट्रिप) के आधार पर भुगतान किया जाता है, जिसके कारण वे अधिक कमाई के लालच में तेज गति से वाहन चलाते हैं और अधिक से अधिक चक्कर लगाने का प्रयास करते हैं। यही प्रवृत्ति सड़क हादसों का एक प्रमुख कारण बन रही है। इस पर मंडलायुक्त ने कार्यदाई संस्थाओं को अपनी भुगतान प्रणाली की समीक्षा करने और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी डंपर से दुर्घटना होती है और उसमें किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कार्यदाई संस्था की होगी। ऐसे मामलों में न केवल एफआईआर दर्ज होगी, बल्कि संस्था के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी, जिसमें ब्लैकलिस्टिंग तक शामिल हो सकती है।
बैठक में एडीएम (वित्त) विनीत कुमार सिंह, पीडब्ल्यूडी के नोडल अधिकारी ए.के. सिंह, जिला खनन अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने स्तर पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करें तथा समय-समय पर औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि स…
















