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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण उत्तर प्रदेश के डिफेंस सेक्टर में भारी उछाल आया है।

लखनऊ: पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच सैन्य संघर्ष ने वैश्विक रक्षा बाजार का समीकरण बदल दिया है। इस युद्ध के बीच उत्तर प्रदेश का डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर एक नए ‘ग्लोबल हब’ के रूप में उभर रहा है।विशेषज्ञों और ताजा आंकड़ों के मुताबिक, यूपी का रक्षा उत्पादन बाजार जो वर्तमान में करीब 12 हजार करोड़ रुपये का है, आने वाले समय में 24 हजार करोड़ रुपये तक पहुँचने के आसार हैं। विदेशी सेनाओं और रक्षा कंपनियों की नजर अब यूपी में बन रहे आधुनिक हथियारों और कलपुर्जों पर टिकी है।मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कई देश अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत करने में जुटे हैं। उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर (झांसी, चित्रकूट, कानपुर, लखनऊ, आगरा और अलीगढ़) में काम कर रही कंपनियों को भारी मात्रा में एक्सपोर्ट ऑर्डर मिल रहे हैं। विशेष रूप से बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट, उन्नत ड्रोन तकनीक और मिसाइलों के कलपुर्जों की मांग में भारी उछाल आया है। कानपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों और निजी रक्षा कंपनियों को मिलने वाले ऑर्डर्स में पिछले कुछ महीनों में करीब 40% की वृद्धि दर्ज की गई है।

​डिफेंस कॉरिडोर के 6 नोड्स बने विदेशी कंपनियों की पसंद 
यूपी सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे डिफेंस कॉरिडोर के 6 नोड्स अब केवल घरेलू आपूर्ति तक सीमित नहीं रहे।

  • लखनऊ और कानपुर: यहां ब्रह्मोस मिसाइल और एयरक्राफ्ट के इंजन पार्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है।
  • झांसी और चित्रकूट: इन इलाकों में भारी हथियारों और गोला-बारूद के निर्माण की इकाइयां स्थापित हो रही हैं।
  • अलीगढ़ और आगरा: यहां छोटे हथियारों और हाई-टेक डिफेंस हार्डवेयर का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है।

24,000 करोड़ का लक्ष्य: अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार 
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं, तो यूपी का रक्षा उत्पादन लक्ष्य से कहीं पहले दोगुना हो जाएगा। 2026 तक रक्षा क्षेत्र में निर्यात का हिस्सा काफी बड़ा होने की उम्मीद है। इससे न केवल उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य में लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। एमएसएमई क्षेत्र की छोटी इकाइयां भी अब बड़े रक्षा प्रोजेक्ट्स के लिए वेंडर के रूप में जुड़ रही हैं, जिससे औद्योगिक इकोसिस्टम मजबूत हो रहा है।

​’मेक इन इंडिया’ की वैश्विक धमक और सरकार की नीति 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश मित्र नीतियों और केंद्र सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान ने यूपी को रक्षा उत्पादन के मोर्चे पर अग्रणी बना दिया है। इजराइल-हमास और अब ईरान-इजराइल युद्ध के दौरान रक्षा उपकरणों की सप्लाई चेन बाधित हुई है, जिसका फायदा भारत को मिल रहा है।

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