
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में थर्ड एसी के 11 कोच, सेकंड एसी के चार कोच और फर्स्ट एसी का एक कोच होगा। इसमें कुल 823 बर्थ रहेंगी। इनमें थर्ड एसी में 611, सेकंड एसी में 188 और फर्स्ट एसी में 24 सीटें होगी।
कोलकाता। हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच हाल में शुरू हुई देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन में आम यात्रियों को कई खास सहूलियतें मुहैया कराई जाएंगी। खास बात है कि इस ट्रेन के रिजर्वेशन में कोई वीआईपी कोटा नहीं होगा। हालिया बंगाल दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मालदा से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। रेलवे के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूरी तरह से आम लोगों की ट्रेन होगी। इसमें कोई वीआईपी या इमरजेंसी कोटा नहीं होगा। यहां तक कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी वंदे भारत स्लीपर पर अपने पास से यात्रा करने के अधिकारी नहीं होंगे। इस ट्रेन में पारदर्शी टिकटिंग और सभी के लिए समान नियम होंगे।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को केवल कंफर्म टिकट ही मुहैया कराया जाएगा। इससे वेटिंग लिस्ट की झंझट खत्म हो जाएगी। सिर्फ इतना ही नहीं, इस ट्रेन में आरएसी टिकट भी नहीं मिलेगा। ट्रेन यात्रा में आम यात्रियों की सुविधा के लिए वीआईपी कल्चर खत्म करने की दिशा में मोदी सरकार का यह एक और कदम माना जा रहा है।
मालूम हो कि बाकी ट्रेनों के रिजर्वेशन में मंत्रियों, सांसदों, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों आदि के लिए एक कोटा आरक्षित रहता है। जिसके तहत उनकी सिफारिश पर प्रतीक्षा सूची की टिकटें चार्ज तैयार होने से कुछ समय पहले एचओ कोटा (हाई ऑफिशियल या हेड ऑफिस कोटा) के तहत कंफर्म हो जाती हैं।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में थर्ड एसी के 11 कोच, सेकंड एसी के चार कोच और फर्स्ट एसी का एक कोच होगा। इसमें कुल 823 बर्थ रहेंगी। इनमें थर्ड एसी में 611, सेकंड एसी में 188 और फर्स्ट एसी में 24 सीटें होगी। इसकी अन्य विशेषताओं में इस ट्रेन में यात्रा करने वालों को स्थानीय भोजन मुहैया कराया जाएगा।




















