Nayer Azam
लखनऊ: 21 जुलाई, 2026 प्रदेश के तकनीकी डिप्लोमा एवं डिग्रीधारी युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले मंत्री आशीष पटेल ने मंगलवार को बाट-माप उपकरणों के मरम्मत कार्य हेतु लाइसेंस आवेदन के लिए तकनीकी डिप्लोमा/डिग्री धारक युवाओं को प्रोत्साहित करने की नीति-2026 के ऑनलाइन मॉड्यूल का शुभारंभ किया।
मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है। सरकार का प्रयास है कि पॉलिटेक्निक, आईटीआई और अन्य तकनीकी संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी तकनीकी दक्षता के आधार पर स्वयं का व्यवसाय भी स्थापित कर सकें।
इस नीति के तहत तकनीकी डिप्लोमा और डिग्रीधारी युवाओं को बाट-माप उपकरणों की मरम्मत के क्षेत्र में कार्यशाला स्थापित करने और मरम्मतकर्ता लाइसेंस प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कार्यशाला की स्थापना के लिए आवश्यक उपकरणों, टूल्स और अन्य सामग्री की खरीद पर होने वाले व्यय की 50,000 रुपये तक की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है।
नीति के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक बाट-माप उपकरणों की मरम्मत के लिए निर्धारित तकनीकी शैक्षिक योग्यता रखने वाले युवा पात्र होंगे। इसमें आईटीआई इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन अथवा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री तथा भौतिक विज्ञान में बीएससी जैसी योग्यताएं शामिल हैं।
पात्र युवा निवेश मित्र पोर्टल और विभागीय पोर्टल समहंसउमजतवसवहलण्नचण्हवअण्पद के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर मरम्मतकर्ता लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। लाइसेंस प्राप्त करने के बाद वे अपनी कार्यशाला स्थापित कर बाट-माप उपकरणों की मरम्मत का कार्य शुरू कर सकेंगे। कार्यशाला के लिए आवश्यक मास्टर सेट, लोड सेट तथा अन्य उपकरणों की खरीद पर नीति की शर्तों के अनुसार प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जाएगा।
मंत्री पटेल ने कहा कि ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किए जाने से आवेदन प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक होगी, जिससे युवाओं को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होना सहित अन्य निर्धारित सामान्य शर्तों को पूरा करना आवश्यक होगा। आवेदन, सत्यापन और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।
















