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संत गाडगे सिर्फ संत ही नहीं बल्कि समाज के प्रदर्शक है: अंगद सिंह

गोविन्द प्रजापति
बाराबंकी। संत गाडगे सेवा समिति एवं अखिल भारतीय धोबी महासंघ के तत्वावधान में नगर पालिका परिषद के सभागार में राष्ट्र संत गाडगे जी महाराज की 150वीं जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। इस जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य अंगद कुमार सिंह ने संबोधित किया वहीं विशिष्ट अतिथि के तौर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर हरिशचंद्रा, अखिल भारतीय धोबी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट राकेश कनौजिया, सेवानिवृत्ति चिकित्सा अधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी एवं मुख्य वक्ता के रूप में समाजसेवी रत्नेश कुमार, डॉ भीमराव अंबेडकर मेमोरियल सेवा समिति के महासचिव राम औतार ने सभा को संबोधित किया। सबसे पहले महापुरुषों- राष्ट्र संत गाडगे जी, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर एवं तथागत गौतम बुद्ध के चित्र पर दीपांजलि और पुष्पांजलि की गई तथा बुद्ध वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर एमएलसी अंगद कुमार सिंह ने कहा कि हमारे संत सिर्फ संत ही नहीं बल्कि जिन्होंने समाज के प्रदर्शक और हमारे आराध्य भगवान हैं। संत गाडगे का स्वच्छता सन्देश देश की सरकार का मुख्य ध्येय है। सन्त गाडगे ने अनेको शिक्षण संस्थाएं खोलकर समाज को शिक्षित करने का जो कार्य किया है, उसे आगे बढाने का दायित्व हम सभी को निर्वहन करना चाहिए। मुख्य वक्ता रत्नेश कुमार ने कहा कि सन्त गाडगे जी कोई औपचारिक शिक्षा नही प्राप्त कर पाए, कोई धन संपदा नही थी फिर भी दृढ़ संकल्प से उन्होंने सौ से अधिक शिक्षण संस्थाए संचालित किया, वे डॉ अम्बेडकर के संघर्षों उनके विचारों से प्रभावित ही नही बल्कि उन्हें सलाह देते थे। आज समाज में शिक्षा का स्तर बढा है फिर भी उनके आदर्शों पर चलकर उनके अनुयायी शिक्षण संस्थाएं नही संचालित कर पा रहे हैं। यह विचारणीय प्रश्न है। रत्नेश कुमार ने आगे कहा कि आज समस्या यह है कि समाज का हर क्रांतिकारी अपने को सबसे बड़ा क्रांतिकारी और दूसरे को तुच्छ क्रांतिकारी समझता है अनुसूचित जातियों की यह छोटी सी बौद्धिक जमात आपस मेँ ही एक दूसरे से बड़ा सिद्धांतवादी और क्रांतिकारी साबित करने मेँ लगा हुआ है। मैं ऐसे लोगों से कहना चाहता हूँ कि जनाब जिस दिन आप कार्यकर्ता बनकर लोगो के लिए दरी बिछाना शुरू कर देंगे स्थितिया जरूर बदलेंगी। दिल्ली विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर हरिशचंद्रा ने संविधान निर्माण के उन पहलुओं को विस्तार से रखा जिसमें समता, समानता एवं  बंधुत्व के लिए बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने संघर्ष किया था। संविधान निर्माण में संविधान सभा के लोगों के योगदान का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध नेत्र सर्जन डॉ विवेक वर्मा,  डॉ0 नेवल किशोर सहित एक दर्जन लोगों ने सम्बोधित किया। लोक गायक जमुना प्रसाद कनौजिया की टीम द्वारा संत गाडगे के जीवन पर आधारित गीत एवं कठपुतली कार्यक्रम प्रस्तुत किये। अतिथियों का स्वागत व सम्मान समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कनौजिया, सचिव मंशाराम कनौजिया, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र वीर विक्रम सिंह, सुधा कनौजिया, सरस्वती कनौजिया, राम प्रगट कनौजिया, राघवेंद्र सुमन, सिद्धार्थ कनौजिया आदि पदाधिकरियों ने किया। इस अवसर पर मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाएं एवं पुरूष उपस्थित रहे। जयंती महोत्सव में विशाल भंडारा भी आयोजित किया गया जो शाम तक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

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