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उड़ीसा में उत्तर प्रदेश के आलू के विपणन को बढ़ावा, भुवनेश्वर में एकदिवसीय आलू प्रदर्शनी एवं बायर-सेलर मीट आयोजित

लखनऊ: उड़ीसा राज्य में उत्तर प्रदेश के आलू के विपणन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग, उत्तर प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ (हाफेड) के संयुक्त तत्वावधान में भुवनेश्वर स्थित होटल द प्रेसीडेंसी में एकदिवसीय आलू प्रदर्शनी एवं बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं  कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह तथा उड़ीसा सरकार के उप मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव उपस्थित रहे।


कार्यक्रम में उड़ीसा राज्य से  कलुंगे गोरख वामन,  धारित्री मिश्रा (एसएजी), जनरल मैनेजर (ओएसएएम बोर्ड) तथा उत्तर प्रदेश से डॉ. सर्वेश कुमार (प्रबंध निदेशक, हाफेड), डॉ. राजीव कुमार वर्मा (संयुक्त निदेशक, शाकभाजी),  एस.के. सुमन (नोडल अधिकारी, हाफेड) सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के 11 आलू उत्पादक किसान तथा उड़ीसा राज्य के 47 आलू व्यापारियों, निर्यातकों एवं प्रसंस्करण इकाइयों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश का प्रमुख आलू उत्पादक राज्य है, जहां देश के कुल आलू उत्पादन का लगभग 35 प्रतिशत उत्पादन होता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2025-26 में लगभग 6.98 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में 245.94 लाख मीट्रिक टन आलू उत्पादन संभावित है। प्रदेश का लगभग 60 प्रतिशत आलू आगरा, अलीगढ़, मेरठ एवं कानपुर मंडल के 10 जनपदों में उत्पादित होता है। उन्होंने कहा कि कुफरी बहार, कुफरी बादशाह, कुफरी सिन्दूरी, कुफरी पुखराज, कुफरी चिप्सोना एवं फ्राईसोना जैसी प्रजातियां दूरस्थ विपणन एवं प्रोसेसिंग के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं, जिससे उड़ीसा के व्यापारियों को सीमित क्षेत्र से ही आवश्यकतानुसार उच्च गुणवत्ता का आलू सुगमता से उपलब्ध कराया जा सकता है।

उड़ीसा के उप मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने उत्तर प्रदेश एवं उड़ीसा के मध्य आलू व्यापार को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने उड़ीसा के व्यापारियों से आग्रह किया कि वे उत्तर प्रदेश जाकर सीधे आलू उत्पादक किसानों से खरीद करें, जिससे उड़ीसा के उपभोक्ताओं को वर्षभर उचित मूल्य पर आलू की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
बायर-सेलर मीट के दौरान उत्तर प्रदेश से आए आलू उत्पादक किसानों द्वारा विभिन्न प्रजातियों के आलू के नमूने प्रदर्शित किए गए। कार्यक्रम में किसानों एवं उड़ीसा के व्यापारियों के बीच आलू की गुणवत्ता, आपूर्ति, मूल्य निर्धारण एवं लॉजिस्टिक्स को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ, जिसके उपरांत व्यापारियों की मांग के अनुरूप आलू आपूर्ति के लिए आपसी समझौते भी किए गए।
इसके अतिरिक्त राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपने विभागीय अधिकारियों के साथ पुरी स्थित सखीगोपाल रेगुलेटेड मार्केट का भ्रमण कर वहां के व्यापारियों से भी उत्तर प्रदेश से आलू की सीधी खरीद को लेकर चर्चा की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के आयोजनों से अंतरराज्यीय कृषि विपणन को नई गति मिलेगी तथा उत्तर प्रदेश के किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

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