
लखनऊ, : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने आज राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) से जुड़ी 14 ‘लखपति दीदियों’ के दल को प्रशस्ति पत्र दिया एवं दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में विशेष अतिथि के रूप में सम्मिलित होने हेतु अपने सरकारी आवास संख्या–7, कालिदास मार्ग से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि राज्य की ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत, संकल्प और आत्मनिर्भरता के बल पर राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है, जिसने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रदेश में महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आजीविका के स्थायी साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसका परिणाम है कि आज लाखों महिलाएं न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने बताया कि अब तक प्रदेश में 1.09 करोड़ से अधिक ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को इस मिशन से जोड़ा जा चुका है। राज्य में 9.11 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह, 63,519 ग्राम संगठन तथा 3,272 क्लस्टर स्तरीय संघ गठित किए जा चुके हैं।
वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में स्वयं सहायता समूहों को ₹1225 करोड़ का रिवॉल्विंग फंड तथा ₹7610 करोड़ की सामुदायिक निवेश निधि (CIF) उपलब्ध कराई गई है। ‘लखपति महिला योजना’ के अंतर्गत अब तक 33 लाख से अधिक महिलाओं का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें से 18 लाख से अधिक महिलाएं लखपति श्रेणी में सम्मिलित हो चुकी हैं।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की निदेशक श्रीमती दीप रंजन द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली जाने वाले 14 ‘लखपति दीदियों’ में
गोरखपुर की मन्शा देवी (ई-रिक्शा उद्यम एवं ई-रिक्शा ट्रेनर) एवं श्रीमती राजकुमारी देवी (पशुपालन, श्री बाबा गोरखनाथ कृपा दुग्ध उत्पादक संघ से संबद्ध),
झांसी की प्रवेश कुमारी (पशु आहार उत्पादन इकाई),
बिजनौर की रितु देवी (विदुर कैफे संचालन) एवं सुमन देवी (प्रेरणा कैफे),
कौशाम्बी की श्रीमती सरिता देवी (ई-रिक्शा आधारित उद्यम, सेफ मोबिलिटी परियोजना),
अलीगढ़ की ऋतु शर्मा (मसाला निर्माण एवं बिक्री),
चित्रकूट की श्रीमती निर्मला देवी (दुग्ध व्यवसाय, बुन्देलखण्ड मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से संबद्ध),
इटावा की मन्त्रवती शाक्य (उन्नत कृषि) एवं विजेता गोयल (ब्यूटी पार्लर, जन सुविधा केंद्र),
सम्भल की अनुपमा सिंह (गो-आधारित उत्पाद) एवं मोनिका (सौंदर्य प्रसाधन निर्माण),
रायबरेली की गुड़िया देवी (दुग्ध व्यवसाय),
देवरिया की आशा (प्रेरणा कैंटीन)

















