
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश छोड़ने के बाद शुक्रवार को भारत में पहली बार सार्वजनिक रूप से संबोधन किया। दिल्ली के फॉरेन करस्पॉन्डेंट्स क्लब में ‘सेव डेमोक्रेसी इन बांग्लादेश’ कार्यक्रम में उनका ऑडियो संदेश सुनाया गया।
हसीना ने चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस को हत्यारा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश अवैध, हिंसक और अराजक दौर से गुजर रहा है और 5 अगस्त 2024 के बाद से लोकतंत्र निर्वासन में चला गया है।
हसीना ने कहा कि देश को एक जेल में बदल दिया गया है। मानवाधिकार कुचले जा रहे हैं, प्रेस की आजादी खत्म हो चुकी है और महिलाओं व अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं। उनके मुताबिक राजधानी से लेकर गांवों तक कानून-व्यवस्था ढह चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें 5 अगस्त 2024 को एक साजिश के तहत सत्ता से हटाया गया। उसी दिन से देश में आतंक और अराजकता का दौर शुरू हुआ।
यूनुस पर आरोप लगाते हुए हसीना ने कहा कि वह विदेशी ताकतों के हित में देश की संप्रभुता और संसाधनों से समझौता कर रहे हैं और बांग्लादेश को बड़े अंतरराष्ट्रीय टकराव की ओर धकेल रहे हैं।
हसीना ने लोकतांत्रिक और मुक्ति संग्राम समर्थक ताकतों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने देश को पटरी पर लाने के लिए पांच मांगें रखीं।
इनमें यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को हटाने, हिंसा खत्म करने, अल्पसंख्यकों और महिलाओं की सुरक्षा, राजनीतिक प्रतिशोध के लिए कानूनी कार्रवाई रोकने और बीते एक साल की घटनाओं की संयुक्त राष्ट्र से निष्पक्ष जांच शामिल है।



















