
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ग्रीनलैंड की राजधानी नुउक जा रही हैं। फ्रेडरिकसन वहां ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स फ्रेडरिक नील्सन से मिलेंगी। ये दोनों नेताओं की 10 दिन के भीतर दूसरी मुलाकात होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 21 जनवरी को दावोस में दिए अपने भाषण में ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात को दोहराया था। नुउक जाने से पहले फ्रेडरिकसन ने ब्रुसेल्स में NATO महासचिव मार्क रुट्टे के साथ बैठक की। दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि NATO को आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने के लिए और प्रयास करने होंगे।
वहीं दावोस में ट्रम्प ने भी रुट्टे से मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्होंने कहा था कि उन दोनों के बीच एक फ्रेमवर्कपर सहमति बनी है, जो ग्रीनलैंड का भविष्य तय करेगा। हालांकि, इस फ्रेमवर्क की बातें सार्वजनिक नहीं की गईं थीं। इस पर डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने शुक्रवार को कहा कि NATO महासचिव से मुलाकात के बाद ट्रम्प ने जिस फ्रेमवर्क का जिक्र किया, वह महज एक रूपरेखा है।रासमुसेन ने यह भी बताया कि गुरुवार को डेनमार्क और अमेरिका के राजनयिकों के बीच वॉशिंगटन में बैठक हुई। इसमें आगे बातचीत कैसे बढ़ेगी, इसका रोडमैप तय किया गया।इससे पहले 14 जनवरी को ग्रीनलैंड के अधिकारी, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच भी चर्चा हो चुकी है। रासमुसेन ने ये भी कहा कि अमरेकिा-डेनमार्क के बीच औपचारिक बातचीत जल्द शुरू होगी, लेकिन इसे लो-प्रोफाइल रखा जाएगा।



















