
दिनेश प्रजापति
गाजीपुर। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के निर्देश पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) वाराणसी के निदेशक प्रोफेसर अमित पात्रा के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ समिति ने रविवार को शासकीय अफीम एवं क्षारोद कारखाना का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण में पाया गया कि कारखाने की पुरानी मशीनरी के बावजूद उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर है। हालांकि, मशीनों की आयु और तकनीकी अवसंरचना के कारण उत्पादन प्रक्रिया में कुछ कमियां सामने आईं। समिति ने उत्पादन प्रणाली में स्वचालन की कमी और कुछ तकनीकी प्रक्रियाओं में लगने वाले अधिक समय को नोट किया, जिससे दक्षता बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया गयानिरीक्षण के दौरान, महाप्रबंधक दौलत कुमार ने कारखाने की कार्यप्रणाली, वर्तमान उत्पादन क्षमता और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। कार्य अभियंता पंकज श्रीवास्तव ने मशीनों के संचालन, तकनीकी प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र को विस्तार से समझाया।कार्यकारी प्रबंधक डॉ. संजीव कुमार ने उत्पादन आंकड़े प्रस्तुत किए, वहीं अजय राय, राजेश कुमार और मोहित भट्ट ने उत्पादन पद्धति में मौजूद तकनीकी कमियों और सुधार की दिशा पर समिति के सवालों के जवाब दिए।निरीक्षण में पाया गया कि कारखाने की पुरानी मशीनरी के बावजूद उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर है। हालांकि, मशीनों की आयु और तकनीकी अवसंरचना के कारण उत्पादन प्रक्रिया में कुछ कमियां सामने आईं। समिति ने उत्पादन प्रणाली में स्वचालन की कमी और कुछ तकनीकी प्रक्रियाओं में लगने वाले अधिक समय को नोट किया, जिससे दक्षता बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया गयानिरीक्षण के दौरान, महाप्रबंधक दौलत कुमार ने कारखाने की कार्यप्रणाली, वर्तमान उत्पादन क्षमता और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। कार्य अभियंता पंकज श्रीवास्तव ने मशीनों के संचालन, तकनीकी प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र को विस्तार से समझाया।कार्यकारी प्रबंधक डॉ. संजीव कुमार ने उत्पादन आंकड़े प्रस्तुत किए, वहीं अजय राय, राजेश कुमार और मोहित भट्ट ने उत्पादन पद्धति में मौजूद तकनीकी कमियों और सुधार की दिशा पर समिति के सवालों के जवाब दिए।















