
Nayer Azam/लखनऊ/उत्तर प्रदेश: रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आ॰) के प्रदेश अध्यक्ष श्री पवन भाई गुप्ता ने प्रदेश में फल-फूल रहे ‘शिक्षा माफियाओं’ और निजी स्कूलों द्वारा की जा रही ‘अनियंत्रित फीस वृद्धि’ को जड़ से खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी को एक बेहद महत्वपूर्ण पत्र भेजा है। पवन भाई गुप्ता ने पत्र में सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि नए शैक्षणिक सत्र के नाम पर निजी संस्थान ‘लूट का जरिया’ बन गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री जी का ध्यान ‘पाठ्यपुस्तकों के कृत्रिम संकट’ की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि स्कूलों और प्रकाशकों का गहरा गठजोड़ हर साल जानबूझकर किताबें बदल देता है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय छात्र पुरानी पुस्तकों का लाभ नहीं उठा पाते।
पवन भाई गुप्ता द्वारा पत्र में सुझाए गए प्रमुख बिंदु:
3 से 5 साल तक किताबें न बदलने का कड़ा नियम: ताकि ‘सेकंड हैंड’ किताबों का उपयोग संभव हो सके और अभिभावकों की जेब पर बोझ कम हो।
अनिवार्य खरीदारी पर रोक: स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से ही ड्रेस और स्टेशनरी खरीदने के दबाव को ‘शिक्षा माफिया’ की गुंडागर्दी करार देते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी का सख्तीकरण: जिला स्तर पर स्कूलों के ऑडिट और उल्लंघन करने वाले संस्थानों की मान्यता तुरंत रद्द करने का सुझाव दिया।
मध्यम वर्ग के लिए आरक्षण: आरटीई की तर्ज पर मध्यम वर्गीय बच्चों के लिए भी निजी स्कूलों में 15-20% रियायती सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव रखा।
पवन भाई गुप्ता ने पत्र के अंत में कड़ी चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि जो स्कूल सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखाते हैं, उन पर केवल कागजी नहीं बल्कि धरातल पर कड़ा जुर्माना और कानूनी एक्शन होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का भविष्य इन माफियाओं के चंगुल से मुक्त होगा।


















