
लखनऊ: उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के सभी सम्बन्धित अधिकारियो को निर्देश दिये हैं कि लखपति दीदी अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाये, ताकि ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को स्थायी आजीविका, नियमित आय और सामाजिक सम्मान प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक उन्नति से ही प्रदेश का समग्र, समावेशी और सतत विकास सम्भव है।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि इस अभियान के अंतर्गत विभागीय समन्वय (कन्वर्जेन्स) को प्राथमिकता दी जाये तथा सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें, जिससे महिलाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास, वित्तीय साक्षरता, विपणन सुविधा, बैंक ऋण, बीमा, डिजिटल भुगतान तथा उद्यमिता विकास से जोड़ा जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को केवल समूहों से जोड़ना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें आय सृजन गतिविधियों जैसे कृषि आधारित उद्यम, पशुपालन, डेयरी, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, सूक्ष्म उद्योग, कुटीर उद्योग एवं सेवा क्षेत्र से जोड़कर स्थायी आय के स्रोत विकसित किये जाएं।
श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि अभियान में डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत किया जायेगा तथा सभी गतिविधियों की निगरानी ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से की जायेगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
उन्होंने निर्देश दिये कि प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाये, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर स्वयं रोजगार सृजन करने में सक्षम हो सकें। इसके साथ ही वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने हेतु महिलाओं को बैंकिंग प्रणाली, बचत, ऋण प्रबंधन और डिजिटल लेन-देन से जोड़ा जाये।
उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अभियान की सफलता हेतु निरंतर मूल्यांकन प्रणाली लागू की जायेगी तथा प्रत्येक स्तर पर उत्तरदायित्व तय होगा। लक्ष्य पूर्ति में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के प्रति सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि यह अभियान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर न केवल उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर गरीबी उन्मूलन, सामाजिक समानता और समावेशी विकास की दिशा में प्रदेश को नई गति प्रदान करेगा।
ज्ञातव्य है कि उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा निर्देश दिये गये हैं कि मण्डल स्तर पर मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में मण्डलीय क्रियान्वयन अनुश्रवण समिति, जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एवं विकास खण्ड स्तर पर खण्ड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन के निर्देश दिये गये हैं।
मण्डल स्तर पर मण्डलायुक्त की, अध्यक्षता में गठित समिति मे संयुक्त विकास आयुक्त, सदस्य सचिव होगे और उपायुक्त, खाद्य एवं रसद, उपनिदेशक समाज कल्याण, उपनिदेशक पंचायती राज, उपनिदेशक विकलांग कल्याण, उपनिदेशक महिला कल्याण, संयुक्त निदेशक कृषि, उपनिदेशक उद्यान, उप निदेशक पशुपालन, उपनिदेशक मत्स्य, उपनिदेशक गन्ना विभाग, संयुक्त निदेशक उद्योग, उपनिबंधक, सहकारी समितिया, लीड बैंक प्रतिनिधि,अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी सदस्य के रूप मे रहेगे।
जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता मंे गठित समिति मे उपायुक्त, स्वतः रोजगार, सदस्य सचिव होगे, मुख्य विकास अधिकारी, उपायुक्त, मनरेगा, परियोजना निदेशक, डीआरडीए, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला सेवायोजन अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी, लीड बैंक मैनेजर, जिला परिवीक्षा अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, जिला समन्वयक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक इकाई, कौशल विकास मिशन उपायुक्त, उद्योग सहायक निबंधक सहकारी समितिया, सदस्य के रूप मे रहेगे। विकास खण्ड स्तर पर खण्ड विकास अधिकारी, अध्यक्ष मे गठित समिति मे सहायक विकास अधिकारी (आई०एस०बी०), सदस्य सचिव होगे और आपूर्ति निरीक्षक,सहायक विकास अधिकारी (समाज कल्याण), सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), सहायक विकास अधिकारी (कृषि), सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता)उद्यान निरीक्षक, पशु चिकित्सा अधिकारी,गन्ना पर्यवेक्षक, बी०एल०बी०सी० बैंक के प्रतिनिधि सदस्य होंगे। मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा त्रैमासिक आधार पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा मासिक तथा खण्ड विकास अधिकारी द्वारा प्रत्येक 15 दिवस पर बैठक आयोजित कर अभियान के दौरान समूह में जोड़े गये नये सदस्यों/समूह गठन कराकर बैंक खाता खुलवाकर लोकोस (सखी ऐप) एम०आई०एस० की प्रगति की समीक्षा की जायेगी। मुख्य विकास अधिकारी स्वहस्ताक्षर से कार्यक्रम की प्रगति से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन मुख्यालय को नियमित रूप से अवगत करायेंगे।
















