
संजय कुमार सिंह /अयोध्या। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अयोध्या आगमन को लेकर योगी सरकार ने जोरदार तैयारियां की हैं। 19 मार्च को हिंदू नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) और चैत्र नवरात्रि के पहले दिन वह रामनगरी पहुंचेंगी। यहां श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी। साथ ही वैदिक अनुष्ठानों में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी। यह दौरा राम मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा, क्योंकि राम यंत्र की स्थापना मंदिर के द्वितीय तल पर होगी, जो आध्यात्मिक और वास्तुशास्त्रीय दृष्टि से अत्यंत पवित्र मानी जाती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तिगत निर्देशन में अयोध्या को स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने का व्यापक अभियान चल रहा है। नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य विभाग मिलकर दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि राष्ट्रपति के आगमन के साथ ही श्रद्धालुओं को भी कोई असुविधा न हो। अयोध्या को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प अब और मजबूत हो गया है, क्योंकि यह दौरा केवल एक आधिकारिक यात्रा नहीं, बल्कि हिंदू नववर्ष के उत्सव और राम मंदिर की पूर्णता का प्रतीक बन रहा है। अयोध्या नगर निगम ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित मार्गों, राम जन्मभूमि मंदिर परिसर, सरयू घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण अभियान छेड़ा है। पूरे नगर निगम क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चल रहा है, जिसमें स्वीपिंग मशीनों से सड़कों की नियमित सफाई शामिल है। सरयू तट पर जेटिंग मशीनों से घाटों की गहन धुलाई की जा रही है, ताकि स्नान घाट पूरी तरह स्वच्छ और आकर्षक दिखें। प्रमुख चौराहों और अंडरपासों जैसे एयरपोर्ट अंडरपास, महोवरा अंडरपास, साकेत पेट्रोल पंप अंडरपास, अयोध्या धाम मेला क्षेत्र आदि पर हाईटेक सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। धूल नियंत्रण के लिए एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे हवा स्वच्छ रहे और यात्रा आरामदायक हो।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। नगर निगम क्षेत्र में कुल 81 वाटर कूलर लगाए गए हैं, जिनमें अयोध्या धाम क्षेत्र में 47 और फैजाबाद क्षेत्र में 31 शामिल हैं। इसके अलावा 25 वाटर कियोस्क स्थापित किए गए हैं। अयोध्या धाम में 18 और फैजाबाद में 7। ये सभी 24Û7 निःशुल्क शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थलों और भंडारा स्थलों पर वाटर टैंकर भी तैनात रहेंगे। आवारा पशुओं, खासकर गौवंश, पर सख्त नियंत्रण के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों द्वारा आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा, ताकि सड़कों पर कोई बाधा न रहे। फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज है, जिससे पैदल यात्रियों को सुगम मार्ग मिले। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, धर्मशालाएं, रेस्टोरेंट, होमस्टे और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थलों पर विशेष सफाई और प्रबंधन योजना लागू है।
नागेश्वर नाथ मंदिर, हनुमानगढ़ी और अन्य प्रमुख मठ-मंदिरों के आसपास उत्कृष्ट सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। भंडारा स्थलों पर नियमित सफाई, डस्टबिन की पर्याप्त व्यवस्था और जनसुविधाओं का विस्तार किया गया है। पॉलीथीन मुक्त अयोध्या बनाने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम और वेरिएबल मैसेजिंग सिस्टम के माध्यम से देशभक्ति गीतों के साथ स्वच्छता, अतिक्रमण न करने और पॉलीथीन मुक्त रहने के संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। प्रकाश व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। संत तुलसीदास घाट, सरयू स्नान घाट और विभिन्न अंडरपासों पर विशेष लाइटिंग की गई है, ताकि शाम के समय भी क्षेत्र सुरक्षित और आकर्षक लगे।

राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर प्रस्तावित मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 500 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी राष्ट्रपति के प्रस्थान तक निरंतर सफाई कार्य सुनिश्चित करेंगे। नगर निगम के अधिकारियों द्वारा उनकी ड्यूटी का पर्यवेक्षण किया जा रहा है, ताकि कोई चूक न हो। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि यह दौरा राम मंदिर की भव्यता को नई ऊंचाई देगा। योगी सरकार का प्रयास है कि अयोध्या न केवल राष्ट्रपति के स्वागत में भव्य दिखे, बल्कि हर आने वाले श्रद्धालु को ’रामनगरी’ की दिव्यता और स्वच्छता का अनुभव हो। हमारी कोशिश है कि रामनवमी पर आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु एक अच्छा अनुभव लेकर जाए। महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर निगम अयोध्या ने व्यापक तैयारियां की हैं। एक सप्ताह के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें सरयू तट से लेकर पूरे नगर क्षेत्र में सफाई, फागिंग एवं एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। पेयजल की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी वाटर कियास्क, वाटर एटीएम, वॉटर टैंक की सफाई एवं मरम्मत कराकर इस दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के उपयोग लायक बनाया गया है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न चौराहों, पार्को एवं महापुरुषों की मूर्तियों को सजाने का प्रबंध किया गया है। साढ़े आठ किलोमीटर लंबे आवागमन मार्ग को जगह-जगह फूलों, एवं हरियाली के प्रतीक पेड़-पौधों से सजाया गया है। स्वागत के लिए खड़े होने वाले नौनिहालों की सुविधा के लिए सफाई, पेयजल के विशेष इंतजाम किए गए हैं। देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु अयोध्या की आध्यात्मिक आभा के साथ ही विकास, सफाई, पेयजल व्यवस्था सहित अन्य कार्यों के लिए हो रहे नवाचारों से प्रेरणा लें। इसका पूरा प्रयास किया जा रहा है। वही राष्ट्रपति के प्रस्तावित अयोध्या दौरे तथा हिंदू नववर्ष, नवरात्रि और ईद जैसे प्रमुख पर्वों को देखते हुए अयोध्या पुलिस हाई अलर्ट पर है। बुधवार को शहर में व्यापक स्तर पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान प्रमुख बाजारों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की गहन जांच की गई। वहीं अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाली ट्रेनों की विशेष स्कैनिंग की गई और यात्रियों के सामान की जांच की गई।पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सीओ सिटी यश त्रिपाठी ने बताया कि त्योहारों और वीवीआईपी कार्यक्रमों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस अभियान में स्थानीय पुलिस के साथ एंटी टेरर स्क्वॉड (एटीएस) और सीआरपीएफ के जवान भी तैनात रहे। कोतवाली प्रभारी अश्वनी पांडेय के नेतृत्व में चौक क्षेत्र में भी सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिससे पूरे शहर में सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित किया जा सके।















