
श्रावस्ती । जिले के विभिन्न क्षेत्रों में यूजीसी एक्ट का विरोध दिखाई पड़ा जिला मुख्यालय भिनगा में श्रवण समाज लोगो द्वारा मोदी तेरी तानाशाही के नारे लगाते हुए दिखाई पड़ा इसी तरह कटरा बाईपास चौराहे पर मंगलवार को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन एक्ट के विरोध में युवाओं द्वारा प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली गई। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा एकत्रित हुए और यू0जी0सी एक्ट को काला कानून बताते हुए इसके विरोध में जमकर नारेबाजी की। युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर यू0जी0सी एक्ट वापस लोष्, शिक्षा विरोधी कानून नहीं चलेगा और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो जैसे नारे लगाए। यह प्रतीकात्मक शव यात्रा कटरा बाईपास चौराहे से शुरू होकर कटरा बाजार के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिससे पूरे क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन की गूंज सुनाई दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि न्ळब् एक्ट से छात्रों और युवाओं के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करेगा और आम विद्यार्थियों के अधिकारों का हनन करेगा। युवाओं ने सरकार से इस एक्ट को तत्काल वापस लेने की मांग की।शव यात्रा के दौरान युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली।
युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि न्ळब् एक्ट को वापस नहीं लिया गया तो आगे और भी व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय युवाओं के साथ-साथ विभिन्न छात्र संगठनों के सदस्य भी शामिल थे। इसी तरह जमुनहा में गुरुवार को अधिवक्ता और बहुजन समाज के लोगों ने यूजीसी बिल के समर्थन में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। तहसील जमुनहा पहुंचकर सौंपे गए इस ज्ञापन के माध्यम से सरकार से यूजीसी बिल को शीघ्र लागू करने की मांग की गई।
इस अवसर पर राकेश अंबेडकर ने कहा कि यूजीसी बिल उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने में सहायक होगा। उन्होंने बताया कि यह बिल गरीब, दलित, पिछड़े और बहुजन समाज के छात्रों को समान अवसर प्रदान करेगा। अंबेडकर ने आगे कहा कि यह विधेयक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाएगा और निजीकरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि शिक्षा के व्यापक हित में यूजीसी बिल को बिना किसी देरी के लागू किया जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता और समाज के अन्य लोग उपस्थित रहे।



















