
संजय कुमार सिंह
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एलपीजी (गैस) की आपूर्ति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी को हर हाल में रोका जाए। अधिकारियों ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण देश में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है।

बुधवार को गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में बताया गया कि 8 मार्च को जारी आदेश के तहत रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा गया है। साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के सचिव शामिल हुए। इसके अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) भी मौजूद रहे। बैठक में यह भी बताया गया कि फिलहाल होटलों और रेस्तरां जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को एलपीजी सिलेंडर देने पर रोक लगाई गई है। हालांकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को इससे छूट दी गई है ताकि जरूरी सेवाओं पर कोई असर न पड़े।

गृह सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर लगातार नजर रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी जमाखोरी या कालाबाजारी न हो, जिससे कीमतें बढ़ सकती हैं। साथ ही घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री और वितरण सुचारू रूप से चलता रहे, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

गृह सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर लगातार नजर रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी जमाखोरी या कालाबाजारी न हो, जिससे कीमतें बढ़ सकती हैं। साथ ही घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री और वितरण सुचारू रूप से चलता रहे, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा गया है कि वे पुलिस और अन्य अधिकारियों से नियमित रूप से स्थिति की रिपोर्ट लेते रहें और केंद्र के निर्देशों की जानकारी पुलिस प्रशासन तक पहुंचाएं। इसके अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखने की सलाह दी गई है। सरकार चाहती है कि फर्जी खबरों या भ्रामक पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों में गलत जानकारी या घबराहट न फैले। स्थिति पर नजर रखने के लिए गृह मंत्रालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मिलकर एक कंट्रोल रूम भी बनाया है।

यह कंट्रोल रूम किसी भी जानकारी की तुरंत जांच करेगा और जरूरत पड़ने पर राज्यों को सही जानकारी और स्पष्टीकरण जारी करेगा।भारत में हर साल करीब 3.13 करोड़ टन एलपीजी की खपत होती है। इसमें से लगभग 87 प्रतिशत गैस घरेलू उपयोग यानी घरों की रसोई में इस्तेमाल होती है, जबकि बाकी गैस होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होती है। देश में कुल जरूरत का करीब 62 प्रतिशत एलपीजी आयात के जरिए पूरा किया जाता है। इसी बीच दिल्ली सरकार ने भी लोगों को भरोसा दिलाया है कि राजधानी में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है। सरकार ने लोगों से संभावित कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दिल्ली में ईंधन की कोई कमी नहीं है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गैस की चोरी या कालाबाजारी के किसी भी मामले में सख्त कार्रवाई की जाए।















